नई दिल्ली: शुक्र(Venus) ग्रह सभी ग्रहों में सबसे ज्यादा चमकदार होता है. इसे ‘ईवनिंग स्टार’ भी कहा जाता है. लेकिन मंगलवार यानी 28 अप्रैल की रात शुक्र ग्रह सबसे ज्यादा चमकीला दिखाई देगा. रात में आप चंद्रमा और शुक्र को साथ-साथ देख सकते हैं. 

26 अप्रैल को अर्धचंद्राकार चांद शुक्र के साथ मिलता हुआ दिखाई दिया, यानी ये दोनों एक ही आकाशीय देशांतर पर थे और आकाश में एक साथ दिखाई दे रहे थे.

हालांकि ये संयोग दिन के समय होता है, जब ज्यादातर खगोलीय वस्तुओं को सूर्य की रौशनी की वजह से देखा ही नहीं जा सकता, लेकिन तब भी शुक्र इतना चमकदार होता है कि आप इसे दिन के उजाले में भी देख सकते हैं. लेकिन ये तभी संभव है जब कि आपको पता हो कि आपको देखना कहां है. लेकिन शाम ढ़लते ही इन्हें आसानी से देखा जा सकता है.

26 अप्रैल को चंद्रमा के सबसे करीब होने के बाद, अगले दो दिनों तक शुक्र ने अपनी चमक को और बढ़ाया और मंगलवार यानी 28 अप्रैल को शुक्र सबसे ज्यादा चमकदार दिखाई देगा. पूरे साल में इसी समय शुक्र की चमक अपने चरम पर होगी.

अपने सबसे चमकीले स्तर पर, शुक्र – 4.7 मैग्नीट्यूड पर चमकेगा. मैग्नीट्यूड चमक को नापने का माप होता है जिसे खगोलविद उपयोग करते हैं. संख्या कम होने का मतलब है चमकदार होना और संख्या निगेटिव हो तो असाधारण रूप से चमक.
 
शुक्र वर्तमान में रात के आकाश में दूसरा सबसे चमकदार ग्रह है, यानी चंद्रमा के बाद शुक्र ही सबसे ज्यादा चमकता है. मंगलवार की रात को शुक्र अपने सबसे प्रतियोगी ग्रह बृहस्पति(ज्यूपिटर) की तुलना में नौ गुना अधिक चमकीला दिखाई देगा.

इस सप्ताह के बाद ‘ईवनिंग स्टार’ की चमक धीरे-धीरे मंद होना शुरू हो जाएगी, और मई के अंत में ये चमक सूर्य की चकाचौंध में गायब हो जाएगी. यह जून के शुरुआत में ‘मॉर्निंग स्टार’ के रूप में फिर से दिखाई देगा.

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