हर घर मे खुशहाली तब आती है जब घर के सदस्य आपस में मिल-जुल कर रहे और आपस मे झगड़ा ना करें। हिन्दू धर्म मे हर चीज का अपना महत्व होता है और अगर कोई भी कार्य सही तरीके से ही किया जाए तभी उसका सही फल प्राप्त होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर आप चंद्रमा और शुक्र ग्रह को प्रसन्न रखना चाहते है तो घर मे काले और नीले रंग के उपयोग से बचें, ऐसा करने से घर में दरिद्रता आती है। इसके अलावा घर मे रसोई दक्षिणी पूर्वी भाग में बनानी चाहिए। रसोईघर में काम करने वाली महिलाओं को इस बात का अवश्य ध्यान रखना चाहिए कि प्रतिदिन सुबह जब वो रसोईघर में जाने लगे तो उससे पहले घर को दक्षिणी पूर्वी दिशा में दीपक जरूर प्रज्ज्वलित करना चाहिए।

रसोई में मां अन्नपूर्णा का वास

जैसेकि कि हम सब जानते है कि मां अन्नपूर्णा को रसोईघर और भोजन की माता कहा जाता है। इसलिए जब भी रसोई में प्रवेश करे तो हमेशा स्नान करके ही प्रवेश करे। इसके अलावा अपने रसोईघर में मां अन्नपूर्णा की तस्वीर जरूर लगाएं इससे मां अन्नपूर्णा की कृपा आप पर सदा बनी रहेगी। मां अन्नपूर्णा के आशीर्वाद से आपके भोजन में स्वाद बढेगा और परिवार का स्वास्थ्य भी उत्तम रहेगा।

दरिद्रता को निमंत्रण

इन सबके अलावा हर घर मे कुछ ना कुछ ऐसी छोटी गलतियां हो जाती है जिससे दरिद्रता को घर मे आने का मार्ग मिल जाता है आइये जानते है वो क्या है।

महिलाओं को मां लक्ष्मी का रूप माना जाता है। इसलिए कभी भी भुलकर घर मे या बाहर किसी भी महिला का ना तो अपमान करें और ना ही उसे अपशब्द कहें। ऐसा भी माना जाता है कि जिस घर मे महिलाओं का आदर नही किया जाता वहां शुक्र और चंद्रमा की वजह से दरिद्रता अपने पैर पसारने लगती है।

देर रात तक जगे हुए नही रहना चाहिए और सुबह भी जल्दी उठना चाहिए। ऐसा ना करने से शनि और चंद्रमा के दुष्प्रभाव से घर मे दरिद्रता वास करने लगती है।

कभी भी झगड़ा ना करें। भाई-भाई हो या पति-पत्नी हो आपस मे कभी भी झगड़ा ना करे और सबको मिल-जुल कर प्रेम के साथ रहना चाहिए। ऐसा ना करने से मां लक्ष्मी अप्रसन्न हो जाती है और फिर उस घर मे दरिद्रता अपना डेरा डाल लेती है।

घर मे साफ-सफाई अवश्य रखें और घर मे रात के समय कभी भी झूठे बर्तन ना छोड़े। घर मे सफाई ना रखने से और झूठे बर्तन छोड़ने से मां लक्ष्मी रूष्ट हो जाती है और फिर उस घर से चली जाती है

मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के उपाय

किसी भी शुक्ल पक्ष में आने वाले शुक्रवार के दिन संध्या के समय लाल रंग का आसन बिछाएं और ध्यान रहे कि आपका मुख उत्तर या पूर्वी दिशा की तरफ ही हो।

अब सवा मीटर लाल रंग का कपड़ा बिछाइये और उस पर श्री लक्ष्मी नारायण की तस्वीर स्थापित कीजिये और उनके सामने घी का दीप जलाइये।

अब एक शुद्ध स्फटिक की माला ले और ॐ दारिद्रध्वंसनी नमः का 5 माला जप करें।

जाप करने के बाद श्री लक्ष्मीनारायण को गुलाब इत्र अर्पण कीजिये।

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