आप जब कोई मोबाइल या लेपटॉप खरीदते हैं तो उस गजट की एक मेमोरी होती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं की इंसान के दिमाग की मेमोरी कितनी होती हैं। इंसान अपने दिमाग में कितनी GB चीजों को स्टोरेज रख सकता हैं। आज इसी विषय में साइंस के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे की इंसान का दिमाग कितने GB का होता हैं। हमारी मेमोरी पॉवर कितनी हैं। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से।

वैज्ञानिको की मानें तो इंसान के दिमाग की इकाई न्यूरॉन होता है जबकि कंप्यूटर स्टोरेज की ईकाई बिट होता है। कंप्यूटर में स्टोरेज और प्रोसेसिंग के लिए अगल अलग हार्डवेयर होते है लेकिन दिमाग में ये दोनों काम न्यूरॉन का ही होता है।

जिसके कारण इसकी मेमोरी के बारे में पता लगाना मुश्किल हैं।

कुछ शोधकर्ताओं ने तकनीकी आधार पर हमारे दिमाग की टोटल क्षमता को GB एक्विवलेन्ट में मापने की कोशिश की है। लेकिन उनका एक कहना हैं की इंसान के दिमाग में उनके सोचने के आधार पर न्यूरॉन का निर्माण होता हैं। सिर्फ एक न्यूरॉन दूसरे न्यूरॉन से करीब 1000 संपर्क स्थापित करते है। जिसका मेमोरी हैं करीब 2.5 PB (2500000 GB) के बराबर होता है। इसलिए इंसान के दिमाग की मेमोरी के बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता हैं।

आज तक इस दुनिया में जितने भी लोग पैदा लिए हैं उन्होंने अपने दिमाग का 7 से 10 फीसदी तक मेमोरी का इस्तेमाल किया हैं। वैज्ञानिकों का कहना हैं की इंसान अपने दिमाग का जितना इस्तेमाल करता हैं। उसकी मेमोरी बढ़ती जाती हैं। इसलिए हम ऐसा कह सकते हैं की दिमाग का मेमोरी पावर अनलिमिटेड हैं।

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